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कश्मीर के पवित्र स्थल, अनंतनाग के श्राइन में संत ह्यडर रेशी की समाधि के पास, प्रार्थना के लिए आते हैं। स्थानीय विश्वास के अनुसार, संत ने अपने जीवन में मांसाहार नहीं किया था, और उनके शिक्षा के अनुसार, मार्ग के लिए आते हैं। श्राइन के पास, संत के 21 शिष्यों की समाधि भी है, जिनके साथ संत ने अपने जीवन का अधिकांश समय बिताया था। संत ह्यडर रेशी की समाधि के पास, प्रार्थना के लिए आते हैं, और उनके शिक्षा के अनुसार, मार्ग के लिए आते हैं।
कश्मीर के अनंतनाग में स्थित श्री मालू का मकबरा एक पवित्र स्थान है, जहां संत ह्यर रेशी की स्मृति की पूजा की जाती है। यह संत की जीवन शैली का प्रतीक है, जिसमें वह दुनिया के साधनों से दूर होकर मानवता के लिए जीवन बिताया। इस स्थान की विशेषता इसकी शांति और शालीनता है, जिसमें संत की स्मृति के साथ-साथ उनके 21 शिष्यों की स्मृति भी रखी गई है।
किसी भी समय के दौरान, श्रीने की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय सुबह या दोपहर के दौरान होता है। प्रार्थना के लिए एक सुविधाजनक और शांत स्थान की तलाश में आते हैं, लेकिन किसी भी समय के दौरान ही आते हैं। किसी भी सुविधाजनक कपड़े पहने और पानी की बोतल लेकर जाना अच्छा है। श्रीने की यात्रा के लिए किसी भी साधन का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन स्थानीय साधनों का प्रयोग सबसे अच्छा है। किसी भी समय के दौरान ही आते हैं, लेकिन किसी भी सुविधाजनक साधन का प्रयोग किया जा सकता है, और किसी भी समय के दौरान ही आते हैं, लेकिन किसी भी सुविधाजनक साधन का प्रयोग किया जा सकता है।
कश्मीर के अनंतनाग में स्थित श्राइन, बाबा ह्यर रेशी के मकबरे के साथ स्थित है। यह स्थल संत की स्मृति में नमाज़ पढ़ने और उनके आशीर्वाद की प्रार्थना के लिए आते हैं। प्रत्येक साल के दौरान, तीर्थयात्री और पर्यटन लोगों ने संत की स्मृति में नमाज़ पढ़ने और उनके आशीर्वाद की प्रार्थना के लिए आते हैं। इसके अलावा, संत के मकबरे के साथ स्थित है, जिसमें उनके 21 शिष्यों के मकबरे भी हैं।