Story
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कथा यह है कि भंडा शाहा जैन मंदिर की स्थापना सुमातिनाथ के प्रति प्रार्थना से हुई। स्थानीय मान्यता है कि मंदिर के निर्माण में सेतु भंडासा ओसवाल की भूमिका थी। मंदिर के भित्ति चित्रों की सुंदरता और मिरर कारी का सौन्दर्य इसके लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय मान्यता है कि मंदिर के निर्माण में मक्का का उपयोग किया गया, जिसके कारण इसकी स्थापना हुई। मंदिर की स्थापना की कथा है कि सुमातिनाथ के प्रति प्रार्थना से हुई, जिसके कारण इसका नाम भंडा शाहा पड़ा है।
क्या है बंधन शाहा जैन मंदिर? यह बीकानेर का एक प्राचीन जैन तीर्थ है, जिसकी विशेषता इसके चित्रित दीवारों और मिरर कारी कामों में है। यह मंदिर सुमतिनाथ, जैन धर्म के पांचवें तीर्थанка के लिए समर्पित है, और इसके तीन मंजिलों पर पुराने जैन कला के नमूने हैं। स्थानीय लोगों के लिए इसका महत्व इसके विशेष स्थान में है, जो इसके चित्रित दीवारों, कार्वी स्तंभों और प्राचीन जैन कला के नमूने को दिखाता है।
भंडाशा जैन मंदिर की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय दोपहर के दौरान है, जब सूरज की रोशनी सुन्दर चित्रों और साजे को अच्छे ढंग से प्रदर्शित करती है। मंदिर के अंदर की स्थिति के लिए सुविधाजनक कपड़े और जूते पहनने की सलाह दी जाती है। मंदिर की स्थिति के लिए स्थानीय साधनों से पहुंचा जा सकता है, और मंदिर के बाहर स्थित स्थानीय साधनों से संपर्क किया जा सकता है। मंदिर के दौरान किसी भी सूचना के लिए स्थानीय साधनों से संपर्क किया जा सकता है, और मंदिर के दौरान किसी भी सूचना के लिए स्थानीय साधनों से संपर्क किया जा सकता है।
किसी भी सुबह के समय, भंडाशाह जैन मंदिर में प्रार्थना की शुरुआत होती है। यहां के मंदिर के भीतर, सुन्दर चित्रों और कार्यों के साथ, साधुओं की प्रार्थना होती है। मंदिर के चारों ओर से सुन्दर साज सजावट है, जो मंदिर की सुंदरता को और बढ़ाती है। साधुओं की प्रार्थना में से किसी भी सुबह के समय, मंदिर के भीतर से प्रार्थना होती है।