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गर्जिया देवी मन्दिर की स्थापना की परम्परा है कि यहाँ की देवी गर्जिया देवी के नाम से पूजित है, जो माता पार्वती की एक स्वरूप है। यह मन्दिर कोसी नदी के तट पर एक बड़े पथरे पर स्थित है, जो रामनगर से 14 किलोमीटर दूर है। स्थानीय परम्परा है कि गर्जिया देवी मन्दिर की स्थापना किसी प्राचीन काल में हुई थी, लेकिन इसके exact उद्गम की जानकारी नहीं है। हालांकि, यह मन्दिर काफी पुराना है, और इसकी पूजा स्थानीय समुदाय द्वारा की जाती है, जो इसके नाम से माता पार्वती की एक स्वरूप मानते हैं।
गर्जिया देवी मन्दिर, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के निकट स्थित है, कोसी नदी के किनारे एक बड़े पथरे पर बना है। इस पवित्र स्थल को गर्जिया देवी की पूजा के लिए बनाया गया है, जो माता पार्वती के रूप में पूजित है। इस मन्दिर की विशेषता है कि यह साल भर के लिए खुला रहता है, जिसका मतलब है कि कोई भी समय पर्यटन के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा, इसका निकट स्थान जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से होने के कारण, यह स्थल प्रकृति की सुंदरता और आध्यात्मिक स्थान के रूप में प्रसिद्ध है।
गर्जिया देवी मन्दिर की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय दोपहर के करीब है, जब सूरज की रोशनी से सुंदर नदी की सूरत का आनंद लिया जा सकता है। प्रात:काल के दौरान भी यात्रा की जा सकती है, लेकिन दोपहर के करीब होने के कारण सूरज की रोशनी से सुंदर नदी की सूरत का आनंद लिया जा सकता है। इस स्थल की यात्रा के लिए सबसे अच्छा कपड़ा हल्का और आरामदायक होना चाहिए, क्योंकि यात्रा के दौरान सूरज की रोशनी से सुंदर नदी की सूरत का आनंद लिया जा सकता है। साथ ही पानी की सुविधा लाना चाहिए, क्योंकि यात्रा के दौरान नदी के किनारे से होकर जाना है। गर्जिया देवी मन्दिर की यात्रा के लिए सबसे अच्छा मार्ग सड़क मार्ग से है, जो रामनगर से शुरू होता है और फिर कोसी नदी के किनारे से होकर जाता है। साथ ही सड़क मार्ग से होकर जाने के लिए साधन लाना चाहिए, क्योंकि सड़क मार्ग से होकर ज
गर्जिया देवी मन्दिर के दर्शन में स्त्री पूजा की प्रथा से जुड़ा हुआ है। यहाँ के श्रद्धालुओं का मानना है कि गर्जिया देवी की पूजा से स्त्री की शक्ति का सम्मान होता है। स्त्री पूजा में स्त्री की शक्ति का सम्मान होता है और गर्जिया देवी मन्दिर में स्त्री की पूजा का स्वरूप स्त्री की शक्ति के सम्मान के रूप में होता है।
