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कहा जाता है कि सीतलनाथ मंदिर, जैसलमेर के जैन तीर्थों में से एक है, जो अपने सुंदर स्थान और विशेष आर्किटेक्चर के लिए जाना जाता है। यह मंदिर, जैसलमेर के किले के भीतर स्थित है, जो एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। स्थानीय विश्वास है कि इस मंदिर में स्थित पार्श्वनाथ की प्रतिमा काफी पवित्र है, जिसके लिए श्रद्धालु इसके लिए आते हैं।
हिंदी में: सीतेलनाथ मंदिर, जैसलमेर के जैन तीर्थ स्थलों में से एक है। यह मंदिर जैसलमेर के किले के भीतर स्थित है, जो एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। मंदिर की विशेषता इसकी सुन्दर संतरा स्तूप है, जो किले के ऊपर से निकलता है। मंदिर के अंदरूनी सैन्टम में लॉर्ड पार्सवनाथ की प्रतिमा स्थित है, जो जैन धर्म के 23वें तीर्थंकार हैं। सीतेलनाथ मंदिर की विशेषता इसकी सुन्दर संतरा स्तूप है, जो किले के ऊपर से निकलता है।
जैसलमेर के सीतेलनाथ मंदिर का दौरा करने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह की सूरजमुखी के नजदीक है, जब सूरज ने मंदिर को अच्छा रंग दिया है। साथ ही, सूरज की गर्मी के कारण दोपहर के समय का दौरा करना अच्छा नहीं है, क्योंकि मंदिर के अंदर गर्मी अधिक होगी। कृपया स्थानीय लोगों से संपर्क करें और मंदिर के लिए सटीक समय और शुल्क की पुष्टि करें। मंदिर के पास सुविधाजनक पार्किंग सुविधा है, लेकिन स्थानीय लोगों से संपर्क करें और मंदिर के लिए प्रारंभिक स्थान की पुष्टि करें। सीतेलनाथ मंदिर का दौरा करने के लिए अच्छा कपड़ा पहनें और किसी भी आवश्यक सामान के साथ जाएं।
यह सीतेल्नाथ मंदिर, जैसलमेर के जैन तीर्थ से जुड़ा हुआ है। यहां, पूजा और प्रार्थना के लिए सामान्य रूप से साधनाएं होती हैं, जिसमें पूजारी की प्रार्थना और साधना की प्रक्रिया शामिल है। मंदिर के अंदरूनी स्थान में स्थित होने वाले पूजा स्थल पर साधना और प्रार्थना की प्रक्रिया होती है, जिसमें साधुओं और पूजारी की प्रार्थना और साधना शामिल है।



