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कपीलेश्वर मंदिर के प्रेक्षक में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर का स्थान हिंदू धर्म के लिए एक पवित्र स्थान है। स्थानीय मत के अनुसार, यह मंदिर नारायण के स्वरूप का प्रतीक है, जो पवित्र स्त्री लक्ष्मी के साथ बैठा है। मंदिर के आंतरिक स्तंभ पर गरुड़ा की मूर्ति स्थित है, जो मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने स्थित है। स्थानीय मत के अनुसार, मंदिर का स्थान नारायण के स्वरूप का प्रतीक है, जो पवित्र स्त्री लक्ष्मी के साथ बैठा है।
लक्ष्मी नारायण मंदिर जैसलमेर के केन्द्र में स्थित है, इसकी विशेषता इसके सादे स्वरूप और सुन्दर स्तम्भ से है। मंदिर के बाहर एक गरुड़ा चित्र है, जो मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने स्थित है। इसके अंदरूनी स्तंभ में एक सिल्वर आर्किट्रेव है, जिसके सामने एकHeavy से अलंकृत चित्र स्थित है।
जैसलमेर के कープीलेश्वर मंदिर क्षेत्र में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर की यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह या दोपहर के दौरान होता है। इस मंदिर की सुविधा के लिए सुविधाजनक कपड़े और पानी के साथ जाना चाहिए। मंदिर की स्थिति के लिए स्थानीय सूत्रों से जानकारी लेना चाहिए, क्योंकि समय और शुल्क की जानकारी स्थानीय सूत्रों से ही प्राप्त की जा सकती है।
लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा से जुड़ा हुआ है, जहां देवताओं की पूजा के लिए सामान्य रूप से संस्कार होता है। मंदिर के अंदरूनी संस्कार में स्वर्ण पट्टिका से सज्जित प्रवेश द्वार है, और निहित देवता के आस-पास सुगंधित माला है। प्रार्थी सामान्य रूप से अन्न का नमस्कार करते हैं, जिसका वितरण मंदिर के पूर्व से होता है।



