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📷 Ghanashyam Chakravarthi
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📷 Venkatesh Ramachandran
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📷 prabhu chandirasekaran
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📷 Vignesh Kumar
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Vilakoli Perumal Kovil

📍 Near Vedanta Desikar Shrine, Kanchipuram

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Story

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Tradition says

विलकोली पेरुमल कोविल के लिए स्थानिक विश्वास के अनुसार, यह मंदिर कांचीपुरम के प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। यहां के पुजारी के अनुसार, यह मंदिर शिवजी के पुत्र पेरुमल को समर्पित है, जिन्हें स्थानिक लोग पूजा करते हैं। स्थानिक विश्वास के अनुसार, पेरुमल को कांचीपुरम के शासकों का संरक्षक माना जाता है, जिनके लिए यह मंदिर एक पवित्र स्थान है। स्थानिक लोग मानते हैं कि पेरुमल के मंदिर में पूजा करने से लोगों को शांति और स्वास्थ्य प्राप्त होता है।

Historians say

विलकोली पेरुमल कोविल के बारे में सबसे पहले जाना चाहिए कि ये एक प्राचीन हिंदू मंदिर है, जो कांचीपुरम के पुराने शहर में स्थित है। इस मंदिर की विशेषता इसकी सुंदर प्रतिमाएं और चित्र हैं, जो इसके प्रतिष्ठित शिल्पकारों द्वारा बनाए गए हैं। यह मंदिर साधारण लोगों के लिए भी एक संतोषजनक स्थान है, जहां वे अपने प्रिय देवता के दर्शन के लिए आते हैं। इसके अलावा, मंदिर के प्राचीन स्थापत्य और मूर्तिकला का साक्षात्कार करने के लिए यह एक अच्छा स्थान है।

Historians say

विलकोली पेरुमल कोविल की यात्रा में सबसे अच्छा समय दोपहर के दौरान होता है, जब सूरज के नीचे होने के कारण स्थान की सुंदरता और संस्कृति का पूरा आनंद लिया जा सकता है। सुविधाजनक कपड़े पहने और स्वच्छता का ध्यान रखें। स्थान की पहुँच के लिए स्थानीय साधनों का उपयोग करें या स्थानीय लोगों से पूछें। स्थान की संस्कृति और सुंदरता का आनंद लेने के लिए समय निकालें और स्थान की सुविधाओं का उपयोग करें।

Tradition says

विलकोली पेरुमल कोविल के आभूषण में पूजा की संस्कृति प्राचीन है। साधारणतः, यहाँ के पुजारी देवता की पूजा में नमस्ते के साथ स्तुति गाते हैं और पवित्र जल की पूजा करते हैं। साधारणतः, यहाँ के श्रद्धालु स्तुति गाते हुए पवित्र जल की पूजा करते हैं और देवता की कृपा प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं। पूजा के लिए साधन सामग्री की आवश्यकता है और पुजारी के निर्देश का पालन करना चाहिए, जिसके लिए स्थानीय स्रोत से जानकारी प्राप्त की जानी चाहिए।

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