Story
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कहानी है कि श्री दुलेश्वर महादेव मंदिर के लिए एक पवित्र स्थान है, जहाँ शिवजी की पूजा की जाती है। स्थानीय विश्वास के मुताबिक, यह मंदिर शिवजी के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है, जहाँ उनकी पूजा की जाती है। लोगों का मानना है कि शिवजी के दर्शन से सभी पापों का नाश होता है और मुक्ति प्राप्त होती है। मंदिर के पास एक प्राचीन शिलालेख है, जिसमें शिवजी की पूजा की प्रार्थना की जाती है। स्थानीय लोग मानते हैं कि यह मंदिर शिवजी के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है, जहाँ उनकी पूजा की जाती है।
कैलाश पर्वत के निकट स्थित श्री दुलेश्वर महादेव मंदिर, माउंट अबू के सबसे प्राचीन और सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है। इसका निर्माण 9वीं शताब्दी में किया गया था और इसका नाम दुलेश्वर के नाम पर रखा गया था, जिनके अनुसार यह मंदिर संस्कृति का स्तूप है। मंदिर की स्थापना के पीछे एक पौराणिक कहानी है, जिसके अनुसार दुलेश्वर ने भगवान शिव को प्रस्तुत किया था और इसके लिए मंदिर का निर्माण किया था। मंदिर का सौन्दर्य और स्थापत्य इसके लिए काफी कारण है कि यात्री इसका दौरा करें।
क्योंकि श्री दुलेश्वर महादेव मंदिर माउंट अबु के शिखर पर स्थित है, इसे सूर्य के उजाले में देखना सबसे अच्छा है। स्पष्ट वस्त्र और पानी की आपूर्ति लेकर जाना अच्छा है, क्योंकि मंदिर के चारों ओर से सुन्दर नज़ारे हैं। माउंट अबु के मार्ग से यह मंदिर सुगम पहुँच है, लेकिन ज़रूरी है कि स्थानीय सूत्रों से मंदिर के समय और शुल्क की पुष्टि करें।
श्री दुलेश्वर महादेव मंदिर के प्रार्थना स्थल में प्रार्थना करने वाले श्रद्धालु अक्सर सूर्य के प्रति पूजा अर्चना करते हैं। मंदिर के प्रार्थना स्थल में सूर्य की पूजा अर्चना के लिए सुबह की प्रार्थना से लेकर शाम की प्रार्थना तक की प्रार्थना की जाती है। श्रद्धालु सूर्य की पूजा अर्चना के लिए साफ कपड़े पहनते हैं और सूर्य की प्रतिमा के सामने स्तुति गाते हैं।



