Story
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हनुमान मंदिर की स्थापना की कहानी को स्थानीय विश्वास कहता है कि भगवान हनुमान की प्रार्थना से माउंट अबू की शांति और सुंदरता को प्राप्त हुआ था। स्थानीय लोग मानते हैं कि हनुमान की प्रार्थना से माउंट अबू की पहाड़ियों में स्थित हनुमान मंदिर की निर्माण हुआ था। मंदिर के बाहर स्थित हनुमान की प्रतिमा को स्थानीय लोग पूजा करते हैं, जिसका मान्यता है कि हनुमान की प्रार्थना से मंदिर की रक्षा होती है।
हनुमान मंदिर, माउंट अबू के शिखर पर स्थित है, जो कि इस स्थान की पवित्र संस्कृति का प्रतीक है। इसका निर्माण 19वीं सदी में किया गया था और इसका निर्माण स्वामी चिदानंद सरस्वती के निर्देशन में किया गया था। हनुमान मंदिर की विशेषता इसका सुंदर वास्तुकला और प्राचीन संस्कृति के लिए इसका महत्व है। इसके पास एक सुंदर मंदिर है जिसमें हनुमान जी की प्रतिमा स्थित है, जो कि पवित्र माना जाता है।
हनुमान मंदिर की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय सुबह की सूरज की किरणों से लेकर शाम को धूप की रोशनी में होता है। हालांकि मंदिर के लिए प्रवेश के लिए कोई सीमित समय नहीं है, लेकिन सूरज की किरणों से लेकर शाम को की रोशनी में होने वाले दृश्य आपके लिए सबसे अच्छा हैं। हनुमान मंदिर के लिए पहुँच के लिए माउंट अबू के मुख्य मार्ग से ही है, जिसके लिए आपको कोई विशेष प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं है। हालांकि आपको स्थानीय स्रोत से प्रवेश के समय और शुल्क की पुष्टि करना चाहिए, क्योंकि ये समय और शुल्क समय-समय में बदल सकते हैं।
हनुमान मंदिर के प्रांगण में स्त्री और पुरुष दोनों की पूजा होती है। यहाँ की पूजा संस्कृति में प्राचीन संस्कृति की झलक मिलती है। स्त्री और पुरुष दोनों की पूजा के लिए अलग-अलग स्थान हैं, जिसमें स्त्री की पूजा के लिए एक स्थान और पुरुष की पूजा के लिए दूसरा स्थान है। पूजा के लिए स्त्री और पुरुष दोनों को अलग-अलग स्थान में जाना होता है।



