Story
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हरदौल, नंदा देवी और वैली ऑफ फ्लावर के निकट एक शिखर है, जिसका नाम "भगवान का मंदिर" है। इसकी विशेषता इसके कंदरे से बने स्वरूप की वजह से है, जो नंदा देवी सेंचुरी को रक्षा करता है। इसका स्थान मिलाम घाटी के उत्तरी किनारे पर है, जिसके दक्षिण में त्रिशुली और पूर्व में ऋषि पहर स्थित है। इसके आस-पास के दृश्य नंदा देवी सेंचुरी के साथ मिलकर एक अद्भुत नज़ारा प्रस्तुत करते हैं।
हरदौल की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय दोपहर के बाद है, जब सूरज की रोशनी निकलने लगती है। इस दौरान आपको प्राकृतिक सुंदरता का पूरा आनंद मिलेगा। आपको सुविधाजनक कपड़े और चप्पल पहनना चाहिए, जिससे आपको आस-पास के क्षेत्र में आसानी से सैर कर सकें। इसके लिए आपको निश्चित समय और शुल्क की पुष्टि स्थानीय सूत्रों से कर लेना चाहिए, क्योंकि ये जानकारी स्थानीय सूत्रों से ही मिल सकती है।
