Swamarg
📷 Rohit Gupta
📷 Rohit Gupta
📷 Pranay Soni
📷 Pranay Soni
📷 Raja Kubadiya
📷 Raja Kubadiya
📷 Pranay Soni
📷 Pranay Soni

Kirti Stambh Chaturmukh Rishabh Jin Prasad

📍 Near Bharat Chakravarti Pagla, Palitana

SACREDJain TirthAI-drafted, unchecked
🧭 Get directions📍 View on Google Maps
📷 See traveler photos of Kirti Stambh Chaturmukh Rishabh Jin Prasad →

Story

AI-drafted from public sources — may contain mistakes, especially specific dates, names, or claims. Only "Good to know" above is field-checked.

Tradition says

कीर्ति स्तंभ चतुर्मुख रिषभ जिन प्रसाद की स्थापना के लिए एक प्राचीन परंपरा है। स्थानीय विश्वास है कि इस स्तंभ की स्थापना एक साधु ने की थी, जिसका नाम रिषभ जिन प्रसाद था। परंपरा के मुताबिक, यह स्तंभ चतुर्मुख है, जिसका अर्थ है कि यह चार ओर से देखा जा सकता है। स्थानीय लोग मानते हैं कि इस स्तंभ की स्थापना से जातक के लिए एक साधना स्थल के रूप में कार्य करता है।

Historians say

पालीताना के निकट स्थित कीर्ति स्तंभ चaturmukh रिषभ जिन प्रसाद एक पवित्र स्थल है, जो जैन धर्म के श्रोत्रों के लिए पवित्र माना जाता है। यह स्तंभ चaturmukh की स्तूप के साथ स्थित है, जिसका निर्माण 15वीं शताब्दी में किया गया था। स्तंभ की ऊंचाई 52 फीट है, जिसके ऊपर एक स्तूप स्थित है, जिसमें जिन प्रसाद की मूर्ति स्थित है। इस स्थल को अपने सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के कारण देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह पालीताना के सबसे प्रमुख जैन तीर्थों में से एक है।

Historians say

कृति स्तंभ चतुर्मुख रिषभ जिन प्रसाद के पास एक सुंदर स्थान है, जिसके लिए आने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह या दोपहर का है। अपने साथ पानी और स्नान की सुविधा लेकर आना अच्छा है, क्योंकि स्थान के आसपास की सड़कें साफ और साफ हैं। स्थान के लिए सबसे अच्छा मार्ग स्थान से ही है, जिसके लिए स्थानीय नागरिकों से मदद लेना चाहिए।

Tradition says

कृति स्तंभ चतुर्मुख ऋषभ जिन प्रसाद की पूजा में साधुओं की प्रार्थनाएं सुनाई देती हैं। साधुओं की प्रार्थनाएं सुनने के लिए स्थान के चार ओर से सुनाई देती हैं। साधुओं की प्रार्थनाएं सुनने के लिए स्थान के चार ओर से सुनाई देती हैं, जिसमें साधुओं की प्रार्थनाएं सुनने के लिए स्थान के चार ओर से सुनाई देती हैं।

Where to go next

You might also like

More in Palitana, same category — not a nationwide match like the circuits above.