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कवाद यक्ष की मूर्ति के पास स्थित है, जिसमें स्थानीय विश्वास है कि यहां संस्कृति का स्रोत है। परंपरा के अनुसार, यक्ष की मूर्ति को संस्कृति के स्रोत के रूप में माना जाता है, जिसके कारण पूजारी यहां की पूजा में संस्कृति की पूजा करते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां पूजा करने से संस्कृति की पूजा की प्राप्ति होती है।
पलीताना की सुंदरता में कावड यक्ष मंदिर एक प्रमुख आकर्षण है। यह जैन तीर्थ कावड यक्ष की प्रतिमा के साथ एक सुन्दर श्राइन है, जिसमें सैकड़ों स्तूप और स्तूपिकाएं हैं। यह मंदिर पलीताना के प्राचीन जैन तीर्थों में से एक है, जिसका इतिहास हज़ार साल पुराना है। स्थान की शांति और सुंदरता के कारण यहां के मंदिर की सुंदरता और पवित्रता को देखा जा सकता है।
कवाड यक्ष मंदिर की यात्रा में सबसे अच्छा समय सुबह की सैर है। सूरज की रोशनी में मंदिर की सुंदरता और प्राकृतिक सेटिंग्स का आनंद लेना चाहिए। साधारण कपड़े और पानी के साथ जाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि मंदिर के आस-पास की सड़कें काफी स्लिपरी हो सकती हैं। मंदिर की स्थिति में से एक सड़क से पहुंचा जा सकता है, जिसके लिए स्थानीय निवासियों से मिलकर संपर्क स्थापित कर लेना चाहिए।
कवाद यक्ष मंदिर के प्रांगण में स्त्री स्त्री की पूजा होती है। साधुओं का मानना है कि यह स्थान संस्कार के लिए पवित्र है। पुजारी की पूजा में स्त्री स्त्री की मूर्ति की पूजा होती है, जिसमें साधुओं के लिए संस्कार के लिए पवित्र स्थान की पूजा होती है। पुजारी की पूजा में स्त्री स्त्री की मूर्ति की पूजा होती है, जिसमें साधुओं के लिए संस्कार के लिए पवित्र स्थान की पूजा होती है।


