Swamarg
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📷 kislay kumar
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📷 Suresh Menon
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Stupa 3

📍 Near Temple 31, Sanchi

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Story

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Tradition says

सANCHI के स्तूप ३ में एक पवित्र स्थान की मान्यता है। लोकप्रिय विश्वास के अनुसार, यह स्तूप ३ एक प्राचीन तपस्या स्थान है जहां साधुओं ने साधना की थी। स्थानीय मान्यता है कि इस स्तूप में संस्कृति की संस्थापक मूर्ति है, जो संस्कृति के प्रति प्रेम की प्रतीक है। स्थानीय लोग मानते हैं कि इस स्तूप में मंत्रों का जाप होता है और प्रार्थनाएं की जाती हैं। स्थान की शांति और संस्कृति की संस्थापक मूर्ति की प्रार्थना से प्राप्त होता है।

Historians say

सANCHI के प्राचीन स्तूप ३ की सुंदरता को देखकर स्तब्ध होना सुनिश्चित है। यह स्तूप सANCHI के प्राचीन मठ का एक हिस्सा है, जिसकी स्थापना ३वीं शताब्दी में हुई थी। स्तूप ३ की विशेषता है कि यह सबसे बड़ा और सबसे पुराना स्तूप है, जिसका निर्माण शिल्पी के हाथों में हुआ था। स्तूप के चारों ओर सुंदर प्राकृतिक स्थान है, जिसमें पेड़ और पौधे पन्ना करते हैं। यह स्तूप सANCHI के प्राचीन संस्कृति का एक प्रतीक है, जिसकी सुंदरता और ऐतिहासिकता को देखकर स्तब्ध होना सुनिश्चित है।

Historians say

सANCHI के स्तूप ३ के लिए, सबसे अच्छा समय दोपहर के बाद के लिए होता है, जब सूरज की रोशनी स्तूप के मूर्तिकला को अच्छे से दिखाती है। इस स्तूप के लिए सबसे अच्छा कपड़ा होता है जो आपके लिए आरामदायक है, क्योंकि स्तूप के आसपास का माहौल गरम होता है। आपको अपने साथ पानी और स्नान के लिए आवश्यक चीज़ें लेकर जाना चाहिए। स्तूप के लिए सबसे अच्छा मार्ग होता है संची से स्तूप के लिए सड़क मार्ग से पहुँचा जाता है। आपको स्थानीय स्तूप के लिए समय और शुल्क की पुष्टि स्थानीय से कर लेना चाहिए, क्योंकि समय और शुल्क समय-समय में बदल जाते हैं।

Tradition says

सANCHI के स्तूप ३ में पूजा की प्रथा सामान्य रूप से स्तूप के चार ओर की सैर से शुरू होती है। प्रत्येक स्तूप के चार ओर स्तूप की पूजा की जाती है, जिसके बाद स्तूप के नीचे स्थित मंदिर में पूजा की जाती है। यहां पूजा की प्रथा सामान्य रूप से स्तूप के चार ओर की सैर से शुरू होती है, जिसके बाद स्तूप के नीचे स्थित मंदिर में पूजा की जाती है।

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