Story
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कथा है कि संत मैरी की सीरो मलाबार चर्च का निर्माण स्थानिक समुद्र तट के किनारे हुआ, जहाँ लोगों को एक जहाज के दुर्घटना से बचने की कृपा मिली। इस चर्च को पोर्ट चर्च भी कहा जाता है, क्योंकि इसका मुख्य द्वार समुद्र की ओर स्थित है। स्थानिक मान्यता है कि फ्रांसिस एक्सवियर ने 1542 से 1552 के बीच इस स्थान पर रुके। संत मैरी की सीरो मलाबार चर्च सीरो मलाबार एर्नाकुलम आर्च डायोसिस का मुख्यालय है और इसका निर्माण 1896 में हुआ। इस चर्च के सामने 68 फीट की टावरें हैं, जिनमें संत पीटर और संत पॉल की मूर्तियां स्थापित हैं।
क्या है और क्या है नहीं है - St Mary's Syro Malabar Church की सुंदरता की सीमा नहीं है. इस चर्च का मुख्य आकर्षण इसका ऐतिहासिक महत्व है. यह चर्च 1112 में निर्मित हुआ था और इसका निर्माण मार लुईज पाज़ेपारम्बिल ने 1905 में किया था. इसका नाम 'Thekke Palli' है क्योंकि यह लेक के किनारे स्थित है. इसके अलावा, इस चर्च का नाम 'Port Church' है क्योंकि इसका मुख्य द्वार पोर्ट की ओर है.
क्या है! सेंट मैरी'स सिरो मालाबार चर्च की सैर के लिए सबसे अच्छा समय सूरज के नीचे होता है, जब सूरज की रोशनी में से की सुंदरता का आनंद लिया जा सकता है। सादे कपड़े और कोमфортेबल जूते पहनना अच्छा है, क्योंकि आपको प्रार्थना के लिए स्थान की सुंदरता का आनंद लेना होगा। स्थान की सुंदरता का आनंद लेने के लिए स्थान की सुंदरता का आनंद लेना होगा। (Translation: What to see! The best time to visit St. Mary's Syro Malabar Church is during the day when the sun's rays bring out the beauty of the place. Wear simple clothes and comfortable shoes as you'll need to take in the beauty of the location. Confirm the exact timings and fees locally before your visit.)
कीरियो के संत मैरी के स्य्रो मालाबार चर्च में प्रार्थना आम तौर पर संत के लिए स्तुति और स्तुति के साथ होती है। स्तुति के साथ संत की पूजा की जाती है, जिसमें प्रार्थना और स्तुति के साथ संत की पूजा की जाती है। स्तुति के साथ संत की पूजा की जाती है, जिसमें प्रार्थना और स्तुति के साथ संत की पूजा की जाती है।