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Galtaji

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Good to know

associated deity

Hanuman; Galav; Rama; Vishnu; Brahma; Krishna

Verified 16 Sept 2026

condition state

UNDISPUTED

Verified 16 Sept 2026

Story

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Tradition says

गालतजी की पूजा संस्कृति में एक पवित्र स्थान है। लोकप्रिय मान्यता है कि यह स्थान संत गालताजी के नाम पर नामित है, जिनका मानना है कि वे साधु और संत थे। स्थानीय विश्वास के मुताबिक, यह स्थान पवित्र है, क्योंकि यहां संत गालताजी ने साधना की थी। लोगों का मानना है कि यह स्थान संत के आशीर्वाद से पवित्र है।

Historians say

गालटाजी एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है जो जयपुर के निकट स्थित है। इस स्थान का नाम गालटाजी क्योंकि इसके निकट एक झील है जिसमें स्नान के लिए पानी आता है। गालटाजी की प्राचीन स्थिति और सौन्दर्य इसके लिए प्रसिद्ध है। यात्री इसके लिए आते हैं क्योंकि इसके पास एक सुंदर झील है और इसके चारों ओर सुंदर वातावरण है।

Historians say

गालताजी के लिए सबसे अच्छा समय दोपहर के बाद होता है, जब सूरज काफी नीचे होता है। क्या पहनें और क्या लाएं, इसके लिए सावधानी से सोचें - नमी से निपटने के लिए सुविधाजनक कपड़े लाएं और पानी की बोतल लाएं। गालताजी के लिए सबसे अच्छा मार्ग सड़क से है, जो कि सड़क के किनारे स्थित है। सड़क से निकलने के बाद, कुछ ही मिनटों में आपको गालताजी के प्रवेश द्वार पर पहुंच जाता है। क्या देखें और क्या अनुभव कीजिए, इसके लिए मोबाइल एप्प में जाकर वर्तमान समय और शुल्क की जानकारी प्राप्त करें।

Tradition says

गालतजी का मंदिर, जयपुर के पास स्थित है। यह स्थान पूजा और साधना के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर, साधुओं और साध्वियों का संग्रह होता है, जो साधना और पूजा में लीन होते हैं। प्रत्येक दिन, सूर्योदय के समय, साधुओं की पूजा होती है, जिसमें वे भगवान की पूजा और साधना करते हैं। दिन में कुछ समय बाद, साध्वियां पूजा करती हैं, जिसमें वे भगवान की पूजा और साधना करती हैं। पूजा के दौरान, साधुओं और साध्वियों का संग्रह होता है, जिसमें वे साधना और पूजा में लीन होते हैं।

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