Story
AI-drafted from public sources — may contain mistakes, especially specific dates, names, or claims. Only "Good to know" above is field-checked.
पटना के गांधी मैदान में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा एक पUBLIC MONUMENT है। यह प्रतिमा bronzed में बनाई गई है और 72 फीट (22 मीटर) ऊंचा है। इसका आधार 24 फीट (7.3 मीटर) ऊंचा है और चार स्थानीय घटनाओं को दर्शाता है, जिसमें 1930 का डांडी मार्च, 1942 का क्विट इंडिया आंदोलन, 1917 का चंपारण सत्याग्रह और चarkha के सymbol को बड़े अक्षरों में लिखा है।
महात्मा गांधी के स्मारक की परंपरा है कि यह पटना के गांधी मैदान में स्थित है, जहाँ देश के पिता की स्मृति में पूजा होती है। स्थानीय विश्वास है कि यह स्मारक भारत के पिता के जीवन के प्रमुख घटनाक्रमों को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें दंडी मार्च, क्विट इंडिया आंदोलन, चंपारन सत्याग्रह और चारखा का सymbol है। स्थानीय लोग मानते हैं कि यह स्मारक महात्मा गांधी के स्मरण में पूजा होती है, जिसका अर्थ है कि दुनिया में शांति का संदेश फैलाना और सभी को富 और गरीब के बीच की दूरी को पाटने के लिए प्रेरित करना।
पटना के गांधी मैदान में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा भारत के पितामह की स्मृति में स्थापित है। यह दुनिया की सबसे ऊंची लोहे की प्रतिमा है जिसका अनावरण 15 फरवरी 2013 को बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार ने किया था। प्रतिमा की ऊंचाई 72 फीट है जिसमें आधार शामिल है और यह लोहे की बनी हुई है। इसका निर्माण राम सुतर की कंपनी ने किया है और यह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान के पश्चिमी भाग में स्थित है, सेंट एक्सेवियर्स हाई स्कूल के सामने। प्रतिमा में महात्मा गांधी को दो बच्चों के साथ प्यार से खड़ा दिखाया गया है। आधार की ऊंचाई 24 फीट है जिसमें चार घटनाएं महात्मा गांधी के जीवन की हैं, 1930 का दांडी मार्च, 1942 का क्विट इंडिया आंदोलन, 1917 का चंपारन सत्याग्रह और चarkha के रूप में महात्मा गांधी का प्रतीक है।
पटना के गांधी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा का दौरा करने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह या दोपहर में होता है, जब मैदान सबसे 活気दायक होता है। किसी भी प्रकार के सामान के लिए प्रार्थना न करें, क्योंकि प्रतिमा के आस-पास की जगह काफी साफ है। प्रतिमा के लिए जाने के लिए सबसे अच्छा तरीका टैक्सी या ऑटो से है, क्योंकि मैदान के लिए सड़क से सीधा रास्ता है। प्रतिमा के लिए जाने से पहले स्थानीय सूत्रों से समय और शुल्क की पुष्टि करें, क्योंकि ये बदल सकते हैं।
